जामताड़ा महाविद्यालय परिसर में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-दो एवं जामताड़ा ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों और अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वैच्छिक रक्तदान किया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर कौशल, प्रोफेसर डॉ. काकोली गोराई, डॉ. प्रीति कुमारी और डॉ. राम स्नेही राम ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए युवाओं से इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने वाला साबित हो सकता है।
रक्तदान से पहले ब्लड बैंक की चिकित्सा टीम ने सभी इच्छुक रक्तदाताओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की। स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप पाए गए लोगों से सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। शिविर के दौरान रक्तदान करने वाले युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर कौशल ने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी के तहत नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
डॉ. प्रीति कुमारी ने कहा कि स्वस्थ और योग्य लोगों को सुरक्षित तरीके से रक्तदान के प्रति जागरूक होना चाहिए। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में रक्तदान को लेकर सकारात्मक संदेश जाता है और जरूरत के समय मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
शिविर को सफल बनाने में ब्लड बैंक की चिकित्सा टीम के साथ एनएसएस स्वयंसेवकों अभिषेक कुमार, अनिकेश कुमार, भवानी कुमारी, प्रतीक्षा कुमार, राहुल और वरुण सहित अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
संवाददाता — संतोष कुमार, जामताड़ा







