पटना में बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को प्रस्तावित विस्तार से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के बीच अहम बैठक हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी शामिल रहे। बैठक में संभावित मंत्रियों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर हो रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि निशांत कुमार को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए। बताया जा रहा है कि नेताओं के समझाने के बाद निशांत कुमार मंत्री बनने के लिए राजी हो गए हैं और गांधी मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की सहमति दे दी है। हालांकि इस पर अभी तक नीतीश कुमार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जेडीयू एमएलसी संजय गांधी ने भी मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि पार्टी के कई नेता निशांत कुमार को मंत्री बनते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा। वहीं, नए चेहरों को मौका मिलने पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
मंत्रिमंडल विस्तार में ज्यादातर पुराने चेहरों की वापसी की संभावना जताई जा रही है। श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी और जमा खान का नाम लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा शीला मंडल, रत्नेश सदा और जयंत राज को भी मौका मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू कोटे से इस बार 10 से 12 मंत्री बनाए जा सकते हैं। फिलहाल मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित केवल तीन मंत्री हैं। विधानसभा की कुल संख्या के आधार पर अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं, ऐसे में अभी कई पद खाली हैं। माना जा रहा है कि कुछ पद भविष्य के लिए भी खाली रखे जा सकते हैं।
