पटना: पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी—में जारी मतगणना के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लिए केरल से अच्छी खबर आई है। पार्टी ने कुथुपरम्बा विधानसभा सीट पर जीत दर्ज कर अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है।
केरल के कुथुपरम्बा सीट पर आरजेडी उम्मीदवार पी.के. प्रवीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। 17 राउंड की मतगणना के बाद प्रवीन ने 1,286 वोटों के अंतर से इंडियन मुस्लिम लीग की प्रत्याशी जयंती राजन को हराया। प्रवीन को कुल 70,448 वोट मिले, जबकि जयंती राजन को 69,162 मत प्राप्त हुए। इस जीत के साथ केरल में ‘लालटेन’ का खाता खुल गया है।
हालांकि, राज्य की अन्य सीटों पर आरजेडी को निराशा हाथ लगी। केलपेट्टा विधानसभा सीट पर पार्टी उम्मीदवार पी.के. अनिल कुमार को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें 52,348 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के टी. सिद्दीकी ने 97,379 वोट हासिल कर 45,031 मतों से जीत दर्ज की। वहीं वडाकारा सीट पर भी आरजेडी को हार मिली, जहां पार्टी प्रत्याशी एम.के. भाष्करण को 55,255 वोट मिले, जबकि रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की के.के. रमा ने 70,117 वोट पाकर 14,862 मतों से जीत हासिल की।
इस चुनाव में आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने 2 अप्रैल को कुथुपरम्बा में प्रवीन के समर्थन में प्रचार किया था। इसके अलावा केलपेट्टा और वडाकारा सहित कई सीटों पर उन्होंने रैलियां कीं। केरल में आरजेडी ने कांग्रेस के बजाय सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा और तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
रुझानों के मुताबिक केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ बहुमत की ओर बढ़ रहा है, जबकि सीपीएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ 10 साल बाद सत्ता से बाहर होता दिख रहा है। ऐसे में एलडीएफ के सहयोगी के रूप में आरजेडी की यह एक सीट की जीत भी अहम मानी जा रही है।
इस जीत के साथ आरजेडी का दायरा अब बिहार और झारखंड के अलावा केरल तक फैलता नजर आ रहा है, जो पार्टी के लिए एक नई राजनीतिक शुरुआत मानी जा रही है।
