बिहार के युवा आज न सिर्फ देश बल्कि विदेश में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। लखीसराय जिले के बड़हिया निवासी अभिनव ने अपनी मेहनत और लगन से जर्मनी में ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल वॉलेट कंपनी स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उनकी कंपनी “RIBBIT” आज 30 से 40 देशों में सक्रिय है और तेजी से विस्तार कर रही है।
अभिनव ने शुरुआती पढ़ाई बिहार से पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए इटली का रुख किया, जहां उन्होंने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्होंने कई प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया। वर्ष 2012 में उन्होंने त्रिवागो कंपनी ज्वाइन की और भारत में उसके विस्तार में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने पेटीएम जैसी कंपनी में मार्केटिंग हेड के रूप में भी काम किया।
जनवरी 2025 में अभिनव ने अपनी खुद की डिजिटल वॉलेट कंपनी की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य उन लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है, जो अब तक इससे वंचित हैं। उनका मानना है कि डिजिटल वॉलेट के जरिए दुनिया में कहीं भी आसानी से भुगतान किया जा सकता है।
विदेश में सफलता हासिल करने के बावजूद अभिनव अपनी मिट्टी से जुड़े रहे। उन्होंने बिहार लौटकर किसानों के लिए काम करने का फैसला किया। आज उनके साथ 700 से अधिक किसान जुड़े हैं। उन्होंने किसानों के लिए एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) का गठन किया है, जिसके माध्यम से उन्हें तकनीकी सहायता, बेहतर उत्पादन और उचित बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
अभिनव का लक्ष्य अगले साल तक 5000 किसानों को अपने साथ जोड़ने का है। वे खासतौर पर दलहन और तिलहन उत्पादकों पर फोकस कर रहे हैं और उनके उत्पादों की ब्रांडिंग व मार्केटिंग पर काम कर रहे हैं।
अभिनव कहते हैं कि वे खुद किसान परिवार से आते हैं और विदेश में खेती की उन्नत तकनीकों को देखकर उन्होंने महसूस किया कि बिहार के किसानों को भी आधुनिक तरीकों से जोड़ना जरूरी है। इसी सोच के साथ वे गांव लौटे हैं और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
