फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बॉलीवुड के ‘गोल्डन एरा’ के दिग्गज अभिनेता सुदेश कुमार धवन का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन से हिंदी सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सुदेश कुमार ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अभिनय, निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अहम योगदान दिया था।
उनके निधन की पुष्टि उनकी सुपुत्री मिशिका धवन जमतानी ने की। बताया गया कि मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिवार, करीबी रिश्तेदारों और फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
सुदेश Kumar के अभिनय सफर की शुरुआत प्रसिद्ध ‘पृथ्वी थिएटर’ से हुई थी। यहीं उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और मंच से अपने करियर की मजबूत नींव रखी। पृथ्वी थिएटर के दौरान ही उनकी मुलाकात हिंदी सिनेमा के महान शोमैन राज कपूर से हुई। यह मुलाकात उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुई। इसके बाद वे राज कपूर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स से जुड़े और फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई।
सुदेश कुमार सिर्फ कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे भी उतने ही सक्रिय रहे। अभिनय के साथ-साथ उन्हें फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी गहरी रुचि थी। वर्ष 1966 में आई कालजयी फिल्म ‘दो बदन’ में उन्होंने सहायक निर्देशक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अभिनेता के रूप में उन्होंने 1959 की सुपरहिट फिल्म ‘छोटी बहन’ और 1961 की चर्चित फिल्म ‘सारंगा’ में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी अदाकारी में सहजता, गंभीरता और भावनात्मक गहराई देखने को मिलती थी, जिसने उन्हें उस दौर के यादगार कलाकारों में शामिल कर दिया।
साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘सुर’ उनकी आखिरी फिल्म रही, जिसके बाद उन्होंने अभिनय से दूरी बना ली थी। आज उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत हो गया। फिल्म जगत उन्हें हमेशा सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करेगा।
