बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी और हवाला कारोबार से जुड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। घोड़ासहन थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब 70 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाके में कुछ लोग अवैध तरीके से पैसों का लेन-देन कर रहे हैं। इसके बाद साइबर डीएसपी अभिनव पराशर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें कई थानों की पुलिस शामिल थी।
गुरुवार देर रात घोड़ासहन बाजार, मेन रोड और वीरता चौक सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान कई दुकानों और घरों की तलाशी ली गई, जहां से 56 लाख 71 हजार 600 रुपये भारतीय करेंसी और 13 लाख 67 हजार 810 रुपये नेपाली करेंसी बरामद हुई। इसके अलावा 11 मोबाइल फोन, एक सीपीयू, कैश काउंटिंग मशीन, पॉस मशीन और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह साइबर ठगी से कमाए गए पैसों को म्यूल अकाउंट, यूएसडीटी और क्रिप्टो एक्सचेंज के जरिए घुमाकर नेपाल भेजता था। पुलिस का अनुमान है कि इस नेटवर्क के जरिए 50 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया गया हो सकता है।
आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए करते थे और इसके बदले कमीशन देते थे। पुलिस ने कई संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और साइबर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।
