समस्तीपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत एक वरीय लिपिक को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान अनिल राम के रूप में हुई है। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत देवेंद्र मंडल नवंबर महीने में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनके वेतन, सेवा अवधि और अन्य मदों से संबंधित लगभग 38 लाख रुपये बकाया थे, जिसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ था।
आरोप है कि इस बकाया राशि के भुगतान के एवज में अस्पताल के वरीय लिपिक अनिल राम ने एक प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। यानी भुगतान कराने के लिए घूस मांगी जा रही थी। इस मांग से परेशान होकर देवेंद्र मंडल ने मार्च महीने में निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर मुजफ्फरपुर से पांच सदस्यीय निगरानी टीम को कार्रवाई के लिए भेजा गया। गुरुवार को टीम रोसड़ा पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
बताया जा रहा है कि लोहिया नगर के पास जैसे ही आवेदक देवेंद्र मंडल ने आरोपी वरीय लिपिक अनिल राम को एक लाख रुपये दिए, निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत छापेमारी कर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय और फिल्मी अंदाज में की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी को अपने साथ मुजफ्फरपुर ले गई, जहां उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। हालांकि इस मामले में निगरानी विभाग के अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
वहीं, गिरफ्तार वरीय लिपिक अनिल राम ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
