18 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आयोजित जेटेट परीक्षा के पहले ही दिन बोकारो में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। सेक्टर-9 स्थित सरदार पटेल पब्लिक स्कूल परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने से सैकड़ों परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित थी। परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे ही केंद्र में प्रवेश करने का निर्देश दिया गया था। सभी अभ्यर्थी समय पर केंद्र पहुंच गए, लेकिन परीक्षा शुरू होने के समय पता चला कि एक सेट का 32 प्रश्न वाला प्रश्नपत्र केंद्र पर पहुंचा ही नहीं है।
परीक्षार्थियों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें घंटों परीक्षा केंद्र में रोके रखा और केवल आश्वासन दिया जाता रहा कि एक घंटे के भीतर प्रश्नपत्र पहुंच जाएगा। बताया गया कि प्रश्नपत्र का सेट गलती से धनबाद भेज दिया गया है। लेकिन दोपहर 1 बजे परीक्षा समाप्त होने तक प्रश्नपत्र केंद्र नहीं पहुंच सका।
इसको लेकर अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। उनका कहना था कि यदि समय पर व्यवस्था की जाती तो धनबाद से एक घंटे में प्रश्नपत्र मंगाकर परीक्षा कराई जा सकती थी, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।
स्थिति बिगड़ते देख बोकारो डीसी अजय नाथ झा और एसपी मौके पर पहुंचे। परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल की भी तैनाती की गई, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। हालांकि प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने इस पूरे मामले पर मीडिया से बात नहीं की।
इस दौरान बोकारो पहुंचे मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने भी मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह जेपीएससी की बड़ी लापरवाही है। डीसी से रिपोर्ट लेकर सरकार के संज्ञान में मामला लाया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षार्थियों का कहना है कि 18 साल बाद मिली इस परीक्षा में ऐसी लापरवाही बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
संवाददाता – चंदन सिंह, बोकारो
