पीरपैंती प्रखंड की हरिनकोल पंचायत के दिलौरी गांव में आरसीडी रोड से चंद्रशेखर यादव के घर तक बन रहा पुल करीब पांच महीने से अधूरा पड़ा है। एनडीबी राज्य योजना के तहत करीब 0.700 किलोमीटर लंबाई वाले इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है।
ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार की ओर से नियमित रूप से काम नहीं कराया जा रहा है। दो-तीन दिन मजदूरों से काम कराने के बाद कई दिनों तक निर्माण कार्य बंद रहता है। अब तक पुल निर्माण स्थल पर दीवार और पिलर खड़े किए गए हैं, जबकि बाकी काम अधूरा है। निर्माण में देरी के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर बने पिलर के आसपास गांव के बच्चे खेलते रहते हैं और लोगों का आवागमन भी होता है। ऐसे में किसी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि पर्याप्त संख्या में मजदूर लगाकर लगातार काम कराया जाए तो पुल का निर्माण लगभग एक महीने में पूरा किया जा सकता है। इसके बावजूद करीब पांच महीने बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है।
सबसे अधिक चिंता ग्रामीणों को आगामी बाढ़ को लेकर है। ग्रामीण वकील मंडल, भगवान मंडल, शारदा देवी और शुक्री मंडल ने बताया कि यदि बाढ़ आने से पहले पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो दिलौरी गांव का सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है। बाढ़ की स्थिति में गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल भी निर्माण कार्य के कारण आवागमन बाधित है। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से निर्माण कार्य की निगरानी कराने, ठेकेदार को नियमित रूप से काम कराने और बाढ़ से पहले पुल का निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
पंचायत के मुखिया दीपक सिंह ने कहा कि उन्हें पुल निर्माण की विस्तृत जानकारी नहीं है। यदि ठेकेदार या एजेंसी की ओर से लापरवाही बरती जा रही है तो सरकार से बाढ़ से पहले निर्माण पूरा कराने की मांग की जाएगी।






