बिहार के अररिया जिले में साइबर थाना पुलिस ने 19 लाख रुपये के ऑनलाइन फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शनिवार को की गई। पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल को तौकीर आलम के बैंक खाते में अवैध रूप से 19 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे, जिन्हें उसी दिन निकाल लिया गया।
इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 19/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जोकीहाट के भगवानपुर से मोहम्मद बाबर, मदनपुर ब्राह्मण बस्ती से सुमित कुमार झा और महलगांव थाना क्षेत्र के काजी टोला भुना वार्ड संख्या 8 से तबरेज आलम को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच मोबाइल फोन, नौ एटीएम कार्ड और 22 हजार रुपये नगद बरामद किए हैं। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह फर्जी तरीके से बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर तुरंत निकासी करने की रणनीति अपनाता था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधी अक्सर भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल करते हैं। इन्हें “मनी म्यूल” खाते कहा जाता है, जिनका उपयोग ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है। कई लोग कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता दूसरों को दे देते हैं, जिससे वे अनजाने में अपराध का हिस्सा बन जाते हैं।
इस मामले में आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या बैंकिंग गतिविधि को नजरअंदाज न करें और तुरंत साइबर थाने या हेल्पलाइन पर सूचना दें।
यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है, जिससे बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
