हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बरियातु गांव में पीसीसी सड़क, गार्डवाल और कल्वर्ट निर्माण कार्य अब गंभीर विवादों में घिर गया है। कार्यपालक अभियंता कार्यालय द्वारा 20 जनवरी 2026 को जारी जांच पत्र में कुछ खामियों को स्वीकार किया गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि रिपोर्ट में कई बड़ी गड़बड़ियों को जानबूझकर छुपाया गया है।

 

जारी पत्र के अनुसार 18 दिसंबर 2025 को हुई जांच में कल्वर्ट के पैरापेट वॉल में हेयर लाइन क्रैक मिला, जिसे बाद में तोड़कर दोबारा बनवाया गया। वहीं पीसीसी सड़क पर ढलाई के तुरंत बाद वाहनों के चलने से चक्कों के निशान पाए गए। गार्डवाल की नींव में करीब 10 मीटर तक त्रुटि मिलने की बात भी सामने आई, जिसे सुधारने का दावा किया गया है।

 

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि ये सिर्फ आंशिक सच्चाई है। उनका आरोप है कि गार्डवाल की पूरी नींव की जांच नहीं की गई, पीसीसी की मोटाई और मिक्स रेशियो पर कोई स्पष्ट रिपोर्ट नहीं दी गई, और घटिया सामग्री के इस्तेमाल को नजरअंदाज कर दिया गया।

 

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संवेदक प्रदीप कुमार मेहता के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ सुधार करवाकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। साथ ही AE भुवन दास और JE अरविंद कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

 

जांच रिपोर्ट की भाषा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। “आंशिक त्रुटि” और “सुधार कर दिया गया” जैसे शब्दों के इस्तेमाल से गंभीर गड़बड़ियों को हल्का दिखाने की कोशिश बताई जा रही है। इतना ही नहीं, जांच करने वाली तृतीय पक्ष एजेंसी का नाम तक पत्र में नहीं दिया गया है।

 

अब ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी और विजिलेंस से मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और जब तक जांच पूरी न हो, भुगतान पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है।

संवाददाता: सुनील कुमार ठाकुर

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