भागलपुर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ABVP के प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडे ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कई दिनों से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन प्रभारी कुलपति इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने मधेपुरा विश्वविद्यालय से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला संविदा कर्मी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब तक कुलपति की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
कुणाल पांडे ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति के पर्सनल असिस्टेंट के खाते से एक करोड़ रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है, जिस पर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राजभवन से हस्तक्षेप की अपील की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
वहीं, ABVP के छात्र नेता आशुतोष सिंह तोमर ने भी कुलपति की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोपों के बावजूद कुलपति ने अब तक कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस या स्पष्टीकरण नहीं दिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय में संदिग्ध लोगों को बढ़ावा देने और छात्रों-शिक्षकों के बीच मतभेद पैदा करने का भी आरोप लगाया।
छात्रों ने नई शिक्षा नीति (NEP) से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने बताया कि SM कॉलेज, TNB कॉलेज और मारवाड़ी कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रमोटेड होने के बावजूद परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं और पिछले 15 दिनों से परेशान हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय को सांकेतिक रूप से बंद कर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया। सूचना मिलने पर रजिस्ट्रार मौके पर पहुंचे और बातचीत कर समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्र शांत हुए।
