बिहार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Prasad Yadav ने नए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary को बधाई देते हुए तीखा कटाक्ष किया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि सम्राट चौधरी को आखिरकार Nitish Kumar को गद्दी से हटाने की अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने पर बधाई।
तेजस्वी ने अपने बयान में यह भी कहा कि सम्राट चौधरी “जनता द्वारा चुने गए” मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि “परिस्थितियों द्वारा चयनित” मुख्यमंत्री हैं। उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में बड़ा तंज माना जा रहा है।
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने नई सरकार को राज्य की जमीनी हकीकत का आईना भी दिखाया। उन्होंने कहा कि पिछले 21 वर्षों से एनडीए की सरकार बिहार में रही है, लेकिन इसके बावजूद राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और विकास के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश के अन्य राज्यों से पीछे है। उन्होंने नीति आयोग और सतत विकास सूचकांक (SDG) का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार अब भी राष्ट्रीय औसत से नीचे बना हुआ है।
तेजस्वी यादव ने सरकार के सामने कई अहम सवाल भी खड़े किए। उन्होंने पूछा कि बिहार में आय और निवेश के नए अवसर कब तैयार होंगे। युवाओं को रोजगार कब मिलेगा और उनका पलायन कब रुकेगा। इसके साथ ही उन्होंने गरीबी और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
तेजस्वी ने उम्मीद जताई कि नई सरकार सिर्फ जश्न और राजनीतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य की असली समस्याओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब विकास, रोजगार और बेहतर व्यवस्था चाहती है, ऐसे में सरकार को इन मुद्दों पर प्राथमिकता देनी होगी।
