बिहार के औरंगाबाद में पुलिस ने जाली नोटों के एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक शिक्षक भी शामिल है। पुलिस ने दोनों के पास से 500 रुपये के कुल 497 जाली नोट बरामद किए हैं, जिनकी कीमत 2 लाख 48 हजार 500 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई:
पुलिस के मुताबिक, औरंगाबाद के एसपी को जिले में जाली नोटों की खेप पहुंचने और उसके परिवहन की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद मदनपुर थाना क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। इसी दौरान रात करीब 8 बजकर 10 मिनट पर मदनपुर थाना मोड़ के पास पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। तभी गया की ओर से मोटरसाइकिल पर आ रहा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा।
पीछा कर आरोपी को पकड़ा:
पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 500 रुपये के 297 जाली नोट बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 1 लाख 48 हजार 500 रुपये थी। आरोपी की पहचान 45 वर्षीय सुरेंद्र कुमार, निवासी बाबू बांध, मदनपुर थाना क्षेत्र, औरंगाबाद के रूप में हुई।
निशानदेही पर दूसरा आरोपी गिरफ्तार:
पुलिस ने सुरेंद्र कुमार से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर मिठाइयां मोड़ के पास छापेमारी कर 45 वर्षीय विजय यादव को गिरफ्तार किया गया। विजय यादव गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के सोमिया गांव का रहने वाला है। उसके पास से 500 रुपये के 200 जाली नोट बरामद हुए, जिनकी कीमत 1 लाख रुपये है।
सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश:
मामले में मदनपुर थाना कांड संख्या 317/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एसडीपीओ आदित्य कुमार ने बताया कि अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोटों की खेप कहां से लाई गई थी और इस नेटवर्क में इनके अलावा कौन-कौन लोग शामिल हैं। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।





