बिहार के सहरसा जिले में मानवता और सेवा भाव की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है, जहां एक 42 वर्षीय महिला को समय पर दुर्लभ ‘ए नेगेटिव’ रक्त उपलब्ध कराकर नई जिंदगी दी गई। यह सराहनीय कार्य श्री शंकर बाबू स्मृति सेवा फाउंडेशन की तत्परता और समर्पण से संभव हो सका।
जानकारी के अनुसार, सहरसा के एक निजी अस्पताल में भर्ती बेबी देवी की हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने तुरंत ‘ए नेगेटिव’ ब्लड की आवश्यकता बताई, लेकिन यह दुर्लभ ग्रुप होने के कारण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो सका। रक्त की कमी के चलते महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी और परिजन काफी परेशान थे।
इसी बीच, मरीज के पुत्र राहुल कुमार झा ने श्री शंकर बाबू स्मृति सेवा फाउंडेशन से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए फाउंडेशन के निदेशक गणेश कुमार भगत ने तुरंत पहल की। सहरसा में रक्त उपलब्ध न होने पर उन्होंने पटना में मौजूद एक रक्तदाता से संपर्क साधा।
मानवता की मिसाल पेश करते हुए रक्तदाता बिना देर किए पटना से सहरसा के लिए रवाना हो गया। सहरसा सदर अस्पताल के रक्त केंद्र में पहुंचकर उसने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। इसके बाद तुरंत मरीज को रक्त चढ़ाया गया, जिससे बेबी देवी की जान बच गई और उनकी हालत में सुधार होने लगा।
इस मदद के बाद परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। मरीज के पुत्र राहुल कुमार झा ने भावुक होकर फाउंडेशन के सदस्यों—अविनाश कुमार झा, प्रदीप कुमार प्रेम, गणेश कुमार भगत, आशीष कुमार और हरी भूषण कुमार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन लोगों की वजह से ही उनकी मां को नया जीवन मिला है और ये उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं।
फाउंडेशन के निदेशक ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई भी मरीज रक्त के अभाव में परेशान हो, तो संस्था के हेल्पलाइन नंबर 7631215199 और 9472215602 पर संपर्क कर सकता है। संस्था ने संकल्प लिया है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए उनकी टीम हमेशा तैयार रहेगी।
