पटना: राजधानी पटना के बुद्धा कॉलोनी क्षेत्र में मंगलवार सुबह नारकोटिक्स टीम पर हमले का मामला सामने आया है। नशाखोरी के गुटों ने स्थानीय लोगों के विरोध और उग्रवाद का सामना किया, जिससे इलाके में गुटबाजी हुई।
जानकारी के मुताबिक, नारकोटिक्स टीम को चीनकोठी इलाके में तस्करों की गुप्त सूचना मिली थी। इसी के आधार पर टीम सुबह-सुबह कार्रवाई करने वाली टीम। जैसे ही टीम ने लॉन्च की शुरुआत की, इलाके में मौजूद कुछ उदीयमानों ने अचानक शुरुआत की। हालात में तेजी से गिरावट आई और पुलिस टीम को घेरने की कोशिश की गई, जिसमें विनाशकारी अवशेष हो गए।
इस दौरान पुलिस ने आकाश धाकड़ नाम के एक व्यक्ति को गैंग से गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, भीड़ के उग्र रुख के कारण टीम कुछ समय के लिए कहीं फँस गई। स्थिति को देखते हुए बुद्धा कॉलोनी स्टेशन से अतिरिक्त पुलिस बल को तत्काल मंगाया गया। अतिरिक्त बल की पहुंच के बाद किसी भी प्रकार की नारकोटिक्स टीम को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घटना के बाद नाबालिग की मां गुमनाम देवी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके बेटे को स्मैक के थैले में फेंक दिया, जिसके आधार पर उसे बंधक बना लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि नारकोटिक्स टीम की ओर से तीन से चार राउंड फायरिंग की गई, जिससे इलाके में लोग भाग गए और लोग अपने घर में छिपने को मजबूर हो गए।
वहीं, स्थानीय स्तर पर भी इस बात की चर्चा है कि इस दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर स्मैक और डायन छीनकर घर में घुसकर चोरी कर ली। हालांकि, पुलिस ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी का आपराधिक इतिहास दर्ज है और वह पहले भी बंधक आधार के मामलों में जेल जा चुका है। एसोसिएटेड लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और हमलों में सभी लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
