राजधानी पटना के मसौढ़ी इलाके में चोरी की एक बड़ी वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। शाहाबाद पंचायत के छाता गांव स्थित ऐतिहासिक राम-जानकी ठाकुरबाड़ी मंदिर से बीती रात अज्ञात चोरों ने करोड़ों रुपये मूल्य की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर लीं। बताया जा रहा है कि ये मूर्तियां करीब 100 साल से भी अधिक पुरानी थीं और उनका कुल वजन लगभग 45 किलो के आसपास था। इस घटना ने न सिर्फ इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि लोगों की आस्था को भी गहरी ठेस पहुंचाई है।
जानकारी के अनुसार, चोर देर रात मंदिर परिसर में दाखिल हुए और सीधे गर्भगृह का ताला तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने भगवान राम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु से बनी बेशकीमती मूर्तियों को चुरा लिया। मंदिर कमेटी के सचिव मुनदेव सिंह ने इस मामले में मसौढ़ी थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मुनदेव सिंह के मुताबिक, यह मंदिर गांव की ऐतिहासिक धरोहर है और यहां स्थापित मूर्तियां बेहद प्राचीन और कीमती थीं। उन्होंने बताया कि इन मूर्तियों की बाजार कीमत करीब सात से आठ करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छाता गांव स्थित यह राम-जानकी ठाकुरबाड़ी मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। मंदिर में स्थापित तीनों मूर्तियां न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थीं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी इनका विशेष महत्व था।
घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी के समय मंदिर की महिला पुजारी बगल के कमरे में ही सो रही थीं, लेकिन उन्हें किसी तरह की आहट तक नहीं हुई। सुबह जब उनकी नींद खुली तो मंदिर का दरवाजा खुला देख उन्हें शक हुआ। जब उन्होंने अंदर जाकर देखा तो तीनों मूर्तियां गायब थीं।
इसके बाद उन्होंने तुरंत गांव के लोगों को सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल बन गया। लोगों ने इस घटना को आस्था पर सीधा हमला बताया और पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द मूर्तियों की बरामदगी की मांग की।
शाहाबाद पंचायत के मुखिया रवि प्रकाश ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर वर्ष 1935 में स्थापित किया गया था और कल्लू राम जानकी ठाकुरबाड़ी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना है।
घटना की सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। टीम द्वारा मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों से फिंगरप्रिंट समेत अन्य सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
मसौढ़ी के थानाध्यक्ष विवेक भारती ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
फिलहाल, इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सकें।
इस बड़ी चोरी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है। अब सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कब तक इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा होता है और चोरी हुई बहुमूल्य मूर्तियां बरामद होती हैं।
