शेखपुरा: बिहार के मुख्यमंत्री ने शेखपुरा जिले के सर्वा गांव में संपन्न जनसंवाद यात्रा के दौरान कई बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत पहले चरण में बिहार के 50 लाख घर में असोती प्लेट का काम शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि एक आने वाले समय में राज्य के हर घर में मुफ्त में अयोनि प्लेटप्लान दिया जाए, जिससे लोगों की बिजली पर निर्भरता कम होगी और बिजली बिल का बोझ भी घटेगा। उन्होंने बताया कि साल 2018 में राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचाई गई थी। अब 125 यूनिट तक बिजली मुफ़्त होने से लगभग 90 प्रतिशत घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 10 लाख सरकारी बेरोजगारी और 10 लाख रोजगार देने का वादा किया था। इसमें 10 लाख सरकारी बेरोजगारी लाभ का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने रैली में कहा कि पहले विकास के क्षेत्र में कोई ठोस काम नहीं हुआ था, लेकिन उनकी सरकार ने सभी जाति और धर्म के लोगों को एक साथ लेकर सामाजिक शिक्षा के साथ विकास का काम किया है। उन्होंने बताया कि पहले मदरसन को सरकारी मान्यता नहीं थी, लेकिन अब उसे मान्यता दे दी गई है और वहां पर भी सामान्य सिविल की तरह का वेतन दिया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की मंजूरी का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रत्येक खंड में डिग्री कॉलेज जारी किये जा रहे हैं। साथ ही सभी प्रोटोटाइप में पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं। जल्द ही बिहार में 45 हजार नए सामुदायिक प्रस्ताव भी आएंगे।
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने शेखपुरा जिले में 120 नए नामांकन की सूची रखी, कुल लागत लगभग 143.59 करोड़ रुपये है। वहीं 61.77 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होलसेल 196 की मंज़ूरी भी ख़त्म कर दी गई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों को मिल रहे घोड़ों की भी जानकारी दी और विकास श्रमिकों को आगे भी जारी रखने का विश्वसनीय समर्थन दिया।
