राजधानी पटना में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर अफरातफरी के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक ओर जिला प्रशासन गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसी संचालक ने गंभीर आरोप लगाकर पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। आरोप सीधे बिहार के डिप्टी सीएम Samrat Choudhary से जुड़ता दिखाई दे रहा है।
पटना के गर्दनीबाद स्थित सत्य गैस एजेंसी के संचालक सोनल कुमार ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि बुधवार को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास से गैस सिलेंडर लेने के लिए एसडीओ पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की ओर से 15 गैस सिलेंडर की मांग की गई थी। एजेंसी संचालक के अनुसार उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोदाम की चाबी ले लें और जितना उपलब्ध हो ले जाएं।
सोनल कुमार का कहना है कि उस समय गोदाम में केवल चार भरे हुए सिलेंडर मौजूद थे, जिन्हें अधिकारी अपने साथ ले गए। एजेंसी संचालक ने यह भी कहा कि इसके बाद उनके पास ग्राहकों को देने के लिए गैस सिलेंडर नहीं बचा। यह बयान गुरुवार को सामने आया, जिस दिन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर एनडीए विधायकों की बैठक भी आयोजित की गई थी।
मीडिया ने जब सोनल कुमार से पूछा कि क्या बिना नंबर लगाए ही सिलेंडर ले लिए गए, तो उन्होंने कहा कि वे लोग वीवीआईपी हैं और ऐसे मामलों में एजेंसी संचालकों की कोई भूमिका नहीं होती। उन्होंने कहा कि अक्सर वीवीआईपी लोग सीधे अधिकारियों को भेजते हैं और सिलेंडर ले लिए जाते हैं।
इधर गैस की कमी के पीछे तकनीकी समस्या भी बताई जा रही है। सोनल कुमार के अनुसार सिलेंडर बुकिंग की प्रक्रिया में सर्वर बार-बार क्रैश हो रहा है। पेट्रोलियम कंपनी की ओर से निर्देश दिया गया है कि पहले ग्राहकों का केवाईसी पूरा किया जाए, उसके बाद ही डीएसी नंबर जारी होने पर गैस सिलेंडर दिया जाए। लेकिन केवाईसी प्रक्रिया के दौरान भी सर्वर बैठ जा रहा है, जिससे एजेंसी में भारी भीड़ लग रही है।
एजेंसी संचालक का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या बुकिंग नहीं होने की है। लोगों में यह डर बैठ गया है कि गैस नहीं मिलेगी, इसलिए घबराहट में बुकिंग कराने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं प्रशासन के दावों पर उन्होंने कहा कि अगर उनके पास गैस नहीं है, तो वे ग्राहकों को कहां से देंगे।
