झारखंड के जमशेदपुर के गोविंदपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने खुद को कुंवारी बताकर एक युवक और उसके पूरे परिवार का भरोसा जीत लिया। भरोसे का यह रिश्ता धीरे-धीरे ऐसा जाल बन गया कि परिवार को इसकी कीमत लाखों रुपये के जेवरात और नकदी गंवाकर चुकानी पड़ी।
मिली जानकारी के अनुसार गोविंदपुर निवासी निखिल सिंह की मुलाकात ‘पूजा पांडेय’ नाम की एक युवती से हुई। पूजा शहर के एक पीजी में रह रही थी और धीरे-धीरे निखिल से उसकी दोस्ती हो गई। बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो पूजा ने खुद को कुंवारी बताते हुए निखिल से शादी करने का वादा भी कर दिया। निखिल ही नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार भी पूजा पर भरोसा करने लगा।
इसी दौरान निखिल के घर में जनेऊ संस्कार का कार्यक्रम रखा गया था। पूजा भी इस कार्यक्रम में शामिल हुई और परिवार के लोगों के साथ इतनी घुल-मिल गई कि किसी को उस पर शक तक नहीं हुआ। इसी भरोसे के बीच निखिल ने अलमारी से कुछ सामान निकालने के लिए पूजा को अपनी अलमारी की चाबी दे दी।
लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब घर के लोग सामान देखने पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अलमारी से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी गायब थे। जब पूजा से चाबी मांगी गई तो वह टालमटोल करने लगी और कुछ ही देर बाद मौका पाकर वहां से फरार हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको चौंका दिया। पता चला कि पूजा पांडेय नाम की यह महिला कुंवारी नहीं बल्कि पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों की मां भी है। पुलिस के अनुसार उसका तरीका ही ऐसा है कि वह कुंवारे युवकों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनके घरों में भरोसा जीतती है और फिर मौका देखकर चोरी की वारदात को अंजाम देती है।
बताया जा रहा है कि उसने गोविंदपुर इलाके के एक और घर में भी इसी तरह हाथ साफ किया है। फिलहाल गोविंदपुर पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक उसने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या अचानक हुई दोस्ती पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति को घर के निजी मामलों में शामिल करने से पहले पूरी सावधानी बरतें।
