बिहार की राजनीति में उस वक्त बड़ा सियासी भूचाल आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा और ऐलान सामने आया। इस खबर के बाद जेडीयू के कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। राजधानी पटना में आज जेडीयू दफ्तर के बाहर और अंदर जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी और कई पोस्टर, कुर्सियां और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया।

 

रिपोर्ट:

बताया जा रहा है कि दोपहर के समय बड़ी संख्या में जेडीयू कार्यकर्ता पटना स्थित पार्टी कार्यालय पहुंच गए। पहले तो उन्होंने नारेबाजी की, लेकिन देखते ही देखते गुस्सा भड़क गया और कार्यकर्ताओं ने ऑफिस के अंदर तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां फेंकी गईं, टेबल पलट दिए गए और दीवारों पर लगे पोस्टर भी फाड़ दिए गए।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने साजिश के तहत ऐसा माहौल बनाया है ताकि नीतीश कुमार को बिहार की सक्रिय राजनीति से दूर किया जा सके।

 

इधर मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग के बाहर भी सुबह से ही भारी भीड़ जुटी हुई है। हजारों की संख्या में पहुंचे जेडीयू कार्यकर्ताओं का माहौल बेहद भावुक और तनावपूर्ण नजर आया। कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर रोते-बिलखते दिखे। कुछ कार्यकर्ता तो इतने आक्रोश में हैं कि उन्होंने आत्मदाह करने तक की धमकी दे डाली।

 

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता लगातार नारे लगा रहे हैं – “हम जान दे देंगे लेकिन नीतीश कुमार को बिहार छोड़ने नहीं देंगे।” उनका कहना है कि नीतीश कुमार ही बिहार की राजनीति की पहचान हैं और अगर वे राज्यसभा चले जाते हैं तो पार्टी और राज्य दोनों को बड़ा नुकसान होगा।

 

हालात को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जेडीयू कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि स्थिति और ज्यादा बिगड़ने न पाए।

 

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कार्यकर्ताओं के दबाव के बीच नीतीश कुमार अपने फैसले पर कायम रहेंगे या बिहार की राजनीति में कोई नया मोड़ देखने को मिलेगा।

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