इजराइल–ईरान–अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और जारी युद्ध के तीसरे दिन विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। खाड़ी देशों में भी हालात को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच बिहार के सहरसा जिले के दो परिवारों में मायूसी छा गई है, क्योंकि उनके बेटे कतर की राजधानी दोहा में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के पॉलिटेक्निक ढाला के समीप रहने वाले कृषि विभाग के सेवानिवृत्त सहायक निदेशक शैलेंद्र कुमार का इकलौता बेटा 46 वर्षीय अमित कुमार चौहान पिछले डेढ़ वर्ष से कतर के दोहा में कार्यरत हैं। अमित अपनी पत्नी प्रियंका सिंह, 12 वर्षीय पुत्र शिवांश और 5 वर्षीय पुत्री मैथली के साथ वहीं रह रहे हैं। इससे पहले वे दिल्ली की एक इंग्लैंड आधारित कंपनी में आईटी इंजीनियर रहे और करीब 15 वर्षों तक बहरीन में भी नौकरी कर चुके हैं।
परिजनों के अनुसार, इस बार अमित ने होली सहरसा में परिवार के साथ मनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अचानक युद्ध शुरू होने से उनका भारत आना टल गया। बेटे के विदेश में फंसे होने की खबर से मां सुलोचना सिंह भावुक हैं और उसकी सुरक्षित वापसी की दुआ कर रही हैं। परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
वहीं सत्यानगर प्रोफेसर कॉलोनी (वार्ड संख्या-19) निवासी दिनेश कुमार सिंह के 31 वर्षीय पुत्र केशव कुमार भी कतर में कार्यरत हैं। केशव पिछले दो वर्षों से कतर एयरवेज में एयरोनॉटिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। विवाह के बाद वे अपनी पत्नी ज्योति को भी कतर ले गए थे। केशव की मां गुंजन देवी बताती हैं कि बेटे से फोन पर लगातार बातचीत हो रही है और वह सुरक्षित है, फिर भी चिंता बनी हुई है।
युद्ध के साए में सहरसा के इन दोनों परिवारों की होली की खुशियां इस बार चिंता में बदल गई हैं। ईरान–इजराइल तनाव को देखते हुए बिहार सरकार ने प्रवासी बिहारियों की सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 7217788114 जारी किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।
