भागलपुर: होली के बाद मई-जून महीने में भागलपुर में एक बड़े इंडस्ट्रियल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सम्मिट के आयोजन की संभावना जताई जा रही है। यह जानकारी भागलपुर के बीजेपी विधायक रोहित पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई सम्मिट के बाद अब भागलपुर को भी एआई हब के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास शुरू किए जाएंगे।
विधायक रोहित पांडेय ने बताया कि भागलपुर पहले से ही शैक्षणिक और औद्योगिक दृष्टि से मजबूत आधार रखता है। यहां भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान भागलपुर, इंजीनियरिंग कॉलेज तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर जैसी संस्थाएं मौजूद हैं, जो तकनीकी और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत यदि मिलकर काम करें तो भागलपुर को पूर्वी भारत का प्रमुख टेक्नोलॉजी और एआई केंद्र बनाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकसित हो रहे भागलपुर में आधारभूत संरचना लगातार मजबूत की जा रही है। बेहतर सड़क, बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सहयोग के कारण उद्योगपतियों के लिए यह शहर निवेश के लिहाज से एक बेहतर विकल्प बन सकता है।
विधायक ने विशेष रूप से भागलपुर की पहचान रही सिल्क इंडस्ट्री को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के इस्तेमाल से सिल्क उद्योग को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सम्मिट में देश के बड़े उद्योगपति, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और निवेशक शामिल हो सकते हैं। इस मंच के माध्यम से भागलपुर में निवेश के नए अवसर तलाशे जाएंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलने की उम्मीद है। विधायक ने विश्वास जताया कि यह सम्मिट शहर के औद्योगिक और तकनीकी विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
