मुंगेर की रहने वाली स्नेहा, भागलपुर में GNM की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात नीरज यादव से हुई। बातचीत और मेल-जोल जल्द ही प्रेम में बदल गया। करीब चार साल तक दोनों का रिश्ता बना रहा, हालांकि नीरज बाद में दूसरी जगह शिफ्ट हो गया।

 

जनवरी 2026 में स्नेहा को जानकारी मिली कि नीरज चोरी-छिपे कहीं और शादी कर रहा है। इस बात को लेकर दोनों में बहस हुई। 17 जनवरी को स्नेहा पूर्णिया नीरज से मिलने गई। दोनों एक प्राइवेट कमरे में रुके और शादी को लेकर विवाद तेज हो गया। इसी झगड़े के दौरान नीरज ने गुस्से में स्नेहा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

 

हत्या के बाद नीरज ने शव को शमशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया। उसने कर्मी से स्नेहा को अपनी पत्नी बताकर अंतिम संस्कार करवाया और इसके लिए लगभग 8,500 रुपए दिए। अंतिम संस्कार के तुरंत बाद नीरज ने अपनी लोकेशन बदल दी।

 

स्नेहा का मोबाइल बंद होने पर परिजन परेशान हो गए। उन्होंने स्नेहा की रहने वाली जगह पर जाकर दोस्तों से जानकारी जुटाई, जिनसे पता चला कि स्नेहा पिछले चार सालों से नीरज के साथ संबंध में थी।

 

पुलिस को सूचना मिलने के बाद नीरज को गिरफ्तार किया गया। शुरू में उसने स्नेहा से अपने संबंधों और हत्या से इंकार किया। लेकिन सख्त पूछताछ और सबूतों के दबाव में नीरज ने अपराध स्वीकार किया।

 

जांच के दौरान पुलिस ने सीन रीक्रिएट कराया और उस कर्मी को भी बुलाया, जिसने अंतिम संस्कार में पैसे लिए थे। कर्मी ने पुष्टि की कि स्नेहा के शव का अंतिम संस्कार नीरज ने ही करवाया और उसकी तस्वीर भी उसी समय ली गई थी।

 

करीब 35 से 40 दिनों की जांच के बाद पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। नीरज के खिलाफ हत्या और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

 

पुलिस का कहना है कि यह मामला प्रेम प्रसंग में विश्वासघात और गुस्से के चलते हुई हत्या का उदाहरण है। स्नेहा के परिजन न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

 

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