साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने मिरजानहाट थाना क्षेत्र के वारसलीगंज मुहल्ले से विजय कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में नकद रुपये, लैपटॉप, आधार कार्ड नंबरों से संबंधित डाटा, फिंगरप्रिंट क्लोनिंग डिवाइस, पावती रसीद समेत कई अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले करीब एक वर्ष से सक्रिय था और केवाईसी अपडेट कराने का झांसा देकर लोगों को फोन कॉल व मैसेज के जरिए फंसाता था। जैसे ही लोग लिंक या बताए गए निर्देशों का पालन करते, उनके बैंक खातों से अवैध तरीके से रुपये निकाल लिए जाते थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक बिहार और उत्तर प्रदेश के करीब पांच हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि गिरोह का नेटवर्क सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका सीधा कनेक्शन उत्तर प्रदेश से भी जुड़ा हुआ था। साइबर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक साथ 10 स्थानों पर छापेमारी की, जहां से कई अहम डिजिटल और दस्तावेजी सबूत जुटाए गए। वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों को भी रडार पर लिया है, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस को बरामद रजिस्टर में कई लोगों के आधार कार्ड से संबंधित विवरण मिले हैं, जबकि अन्य सामग्री भी गंभीर अपराध की ओर इशारा कर रही है। इन सबूतों के आधार पर पुलिस को आशंका है कि गिरोह में कई अन्य सदस्य भी सक्रिय हैं, जो अलग-अलग स्थानों से इस ठगी को अंजाम दे रहे थे।
साइबर डीएसपी सह साइबर थाने के थानाध्यक्ष कनिष्क श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं और निश्चित रूप से आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होंगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से सघन पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
