सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कथित घोटाले का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया, रोजगार सेवक और पूर्व पीओ पर फसल सुरक्षा बाँध निर्माण के नाम पर सरकारी राशि की निकासी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

 

ग्रामीणों के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत फसल सुरक्षा बाँध निर्माण के लिए योजना स्वीकृत की गई थी। इस योजना में मिट्टीकरण कार्य होना था, ताकि किसानों की फसल को बाढ़ और कटाव से सुरक्षा मिल सके। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थल पर बाँध निर्माण दिखाया गया है, वहां कोई मिट्टी भराई या बाँध का कार्य नहीं हुआ। आरोप है कि बिना कार्य कराए ही पूरी राशि की निकासी कर ली गई। यही नहीं, जिस सड़क या जमीन पर फसल सुरक्षा बाँध निर्माण दर्शाया गया है, वहां वर्तमान में गेहूं और मक्का की खेती हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वहां कोई कार्य नहीं हुआ तो उन्होंने खाली पड़ी जमीन पर खेती शुरू कर दी।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थल की सही तरीके से जांच कराई जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि फसल सुरक्षा बाँध का कार्य केवल कागजों पर ही पूरा दिखाया गया है।

 

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना काम कराए राशि की निकासी कैसे हो गई? क्या संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया?

 

मामले के सामने आने के बाद पंचायत क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *