झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को समर्थन देते हुए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने मंगलवार को बोकारो जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना के माध्यम से संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, छात्रों को न्याय दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
धरना कार्यक्रम में JLKM के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो मुख्य रूप से शामिल हुए। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
धरना को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि झारखंड के लाखों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बार-बार सामने आ रही कथित गड़बड़ियों से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC मामले की जांच फिलहाल CID कर रही है, लेकिन पूर्व के अनुभवों को देखते हुए इस मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना था कि यदि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जयराम महतो ने कहा कि JLKM छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी कार्यकर्ता और छात्र बड़ी संख्या में रांची कूच कर राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।
धरना के दौरान वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
संवाददाता : चंदन सिंह






