भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर 5 अगस्त को अपना 17वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ऑनलाइन माध्यम से समारोह को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी, प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस कृषि शिक्षा, अनुसंधान, कृषि प्रसार और किसान कल्याण के क्षेत्र में 16 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव होगा। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने बताया कि बीएयू ने स्थापना के बाद से कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को किसानों तक पहुंचाकर उनकी आय बढ़ाना, कृषि को तकनीक आधारित बनाना और युवाओं को कृषि उद्यमिता के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जलवायु अनुकूल खेती, डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा, कृषि प्रसंस्करण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है। अब तक विश्वविद्यालय 53 से अधिक उन्नत फसल किस्में और 79 से अधिक कृषि प्रौद्योगिकियां विकसित कर चुका है, जिनका लाभ किसानों को मिल रहा है।
स्थापना दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। ऑनलाइन संबोधन, सुरक्षा, यातायात, प्रदर्शनी, मंच संचालन और मीडिया समन्वय सहित सभी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं।
विश्वविद्यालय को NAAC और ICAR से ‘ए’ ग्रेड मान्यता प्राप्त है तथा NIRF रैंकिंग में भी कृषि एवं संबद्ध विषयों में लगातार स्थान मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसानों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से समारोह में सहभागी बनने की अपील की है। यह स्थापना दिवस कृषि, विज्ञान, नवाचार और किसान कल्याण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को नई पहचान देगा।








