सावन माह में उत्तरवाहिनी गंगा तट सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर तक की कांवर यात्रा में हर वर्ष आस्था के अनोखे रंग देखने को मिलते हैं। इस बार भी एक शिवभक्त अपने अनूठे रूप को लेकर श्रद्धालुओं और लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पश्चिम बंगाल निवासी राजकुमार महतो पिछले दो वर्षों से “बिच्छू बम” का रूप धारण कर सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा नगरी देवघर की यात्रा कर रहे हैं।
राजकुमार महतो ने बताया कि भगवान भोलेनाथ के अनेक स्वरूप हैं और उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने भी यह अनोखा रूप धारण किया है। उनका कहना है कि यह वेश केवल लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।
बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि अब तक वह लगभग 36 हजार किलोमीटर की यात्रा पैदल और साइकिल से पूरी कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने भारत के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों के दर्शन किए हैं। हालांकि अभी कुछ धार्मिक स्थल बाकी हैं, जहां वह बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के बाद प्रस्थान करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस बार भी वह अकेले सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा धाम की यात्रा पर निकले हैं। रास्ते भर श्रद्धालु उनके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और उनके संकल्प की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक शरीर में शक्ति रहेगी, तब तक वह इसी तरह भगवान शिव की भक्ति में विभिन्न तीर्थों की यात्रा करते रहेंगे।
सावन के पावन महीने में उत्तरवाहिनी गंगा तट सुल्तानगंज से लाखों कांवरिये गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। कोई दंडवत यात्रा करता है, कोई नंगे पांव चलता है तो कोई अलग-अलग वेशभूषा धारण कर अपनी आस्था का प्रदर्शन करता है। इन्हीं अनोखे शिवभक्तों में राजकुमार महतो भी शामिल हैं, जिनका “बिच्छू बम” रूप श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उनकी यह अनूठी यात्रा यह संदेश देती है कि भगवान भोलेनाथ के प्रति सच्ची श्रद्धा किसी एक रूप की मोहताज नहीं होती।
संवाददाता रजनीश कुमार






