संसद परिसर के गेट पर साधु के भेष में पहुंचकर कथित तौर पर चंदा चोरी के मुद्दे को नाटकीय अंदाज में उठाने वाले सांसद पप्पू यादव के कदम पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। नालंदा में मनी बाबा के अखाड़े पर लंगोट अर्पित करने के दौरान उन्होंने कहा कि केवल साधु का वेश धारण कर लेने से कोई साधु नहीं बन जाता, बल्कि साधु का जीवन, आचरण और मर्यादा भी अपनानी चाहिए।
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सनातन परंपरा, साधु-संतों और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक प्रदर्शन या मजाक बनाने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन संस्कृति का अपमान करते हैं, उन्हें जनता समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने पप्पू यादव का नाम लिए बिना कहा कि यदि किसी को समाज और धर्म की सेवा करनी है तो मंदिर, मठ या मस्जिद से जुड़कर ईमानदारी से साधना और जनसेवा करनी चाहिए, न कि धार्मिक वेशभूषा का इस्तेमाल राजनीतिक नाटक के लिए करना चाहिए।
इस दौरान मंत्री ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है और जनता का जनादेश ईवीएम में सुरक्षित रहता है। चुनाव परिणाम आने के बाद जो भी फैसला जनता सुनाएगी, उसका पूरा सम्मान किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विकास, सुशासन और जनहित के मुद्दों पर मतदान करेगी। साथ ही कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और हर राजनीतिक दल को जनता के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
मंत्री श्रवण कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है जब पप्पू यादव के संसद परिसर में साधु के वेश में किए गए प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष इसे सनातन परंपरा का अपमान बता रहा है, जबकि विपक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ इस मुद्दे पर सक्रिय है। अब इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में यह मुद्दा और अधिक गरमाने की संभावना है।






