विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ होते ही भागलपुर का सुल्तानगंज पूरी तरह शिवमय हो गया है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अजगैबीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कांवड़ में पवित्र गंगाजल भर रहे हैं और बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में जलाभिषेक के लिए लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकल रहे हैं।
मेले के पहले ही दिन एक लाख से अधिक कांवड़िए बाबा धाम के लिए रवाना हुए। कच्ची कांवड़िया पथ पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया। हर ओर भगवा वस्त्रधारी श्रद्धालु, कंधों पर कांवड़ और “बोल बम”, “बम-बम भोले” तथा “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। कोई परिवार के साथ, कोई मित्रों के समूह में तो कोई अकेले ही बाबा धाम की ओर उत्साह और श्रद्धा के साथ बढ़ता दिखाई दिया।
नमामि गंगे घाट, अजगैबीनाथ मंदिर और गंगा तट पर सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्नान और पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने अपनी कठिन लेकिन आस्था से भरी यात्रा शुरू की। कांवड़िया पथ पर दूर-दूर तक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए मार्ग में जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां पेयजल, शरबत, भोजन, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वहीं जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं। नमामि गंगे घाट से लेकर कांवड़िया पथ तक पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, मोबाइल शौचालय, पेयजल, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस वर्ष पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल और भूटान से आए शिवभक्तों ने भी भागलपुर जिला प्रशासन और बिहार सरकार द्वारा किए गए प्रबंधों की प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। आस्था, भक्ति और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच श्रावणी मेला पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है।







