भगवान शिव की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध केतुंगा धाम में गुरुवार को श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ दिव्य महाआरती, सामूहिक जलाभिषेक और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। श्रावण मास के प्रथम दिन आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरा मंदिर परिसर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।
मंदिर के मुख्य पुजारी प्रदीप दास गोस्वामी के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना कर मेले का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केतुंगा धाम न्यास समिति एवं मानव धर्म रक्षक संघ के सदस्यों ने सामूहिक रूप से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
सुबह करीब सात बजे मंदिर परिसर से श्रद्धालुओं का जत्था अनुशासित पंक्तियों में “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा है” जैसे जयघोष लगाते हुए देव नदी एवं मलगो संगम के लिए रवाना हुआ। संगम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन संपन्न कराया गया। इसके बाद श्रद्धालु पवित्र जल लेकर शंख, घंटा, झाल और मंजीरों की ध्वनि के साथ पुनः केतुंगा धाम पहुंचे।
मंदिर में सामूहिक दर्शन, जलाभिषेक एवं भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती के दौरान भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया और दिनभर भगवान शिव के दर्शन व जलाभिषेक के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
कार्यक्रम में केतुंगा धाम न्यास समिति के अध्यक्ष शुकरा केरकेटा, महासचिव ओम प्रकाश साहू, सचिव दिलीप पांडा, कोषाध्यक्ष अजीत साहू, संरक्षक राधेश्याम सोनी तथा मानव धर्म रक्षक संघ के सहसचिव संकेत, उपाध्यक्ष रामचंद्र साहू, विनोद नाग, श्याम शिखर सोनी, अरविंद साहू, उमेश कुमार साहू सहित समिति एवं संघ के कई सदस्य मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संवाददाता : बिरेन्द्र तिवारी, सिमडेगा







