नालंदा: बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लूटकांड में गिरफ्तार आरोपियों ने मेडिकल जांच के दौरान पुलिस हिरासत में हाई-वोल्टेज ड्रामा किया। आरोपियों ने खुद को कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) का सदस्य बताते हुए जेल से बाहर आने के बाद आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस दौरान उन्होंने अपनी तुलना भरत तिवारी और शहीद क्रांतिकारी भगत सिंह से भी की और दावा किया कि उनका एनकाउंटर नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार, नूरसराय थाना पुलिस ने हाल ही में हुई बाइक लूट की घटना का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन और पर्स भी बरामद किया। नियमानुसार सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां करीब 30 मिनट तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
मेडिकल जांच के बाद जब पुलिस आरोपियों को जेल ले जाने लगी, तब उन्हें एक निजी ऑटो में बैठाया गया। अस्पताल परिसर से निकलते समय ऑटो स्टार्ट नहीं हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को ऑटो में बैठे आरोपियों सहित वाहन को धक्का लगाना पड़ा। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और पुलिस की व्यवस्था पर भी सवाल उठे।
आरोपियों ने इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ भी नाराजगी जताई और जेल से रिहा होने के बाद आंदोलन करने की बात कही। हालांकि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थिति को नियंत्रण में रखा।
नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि मंगलवार रात ननौर बजरंगबली मंदिर के पास चार अज्ञात बदमाशों ने एक बाइक सवार के साथ मारपीट कर लूटपाट की थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूटी गई बाइक, मोबाइल और पर्स बरामद कर एक नाबालिग समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार, रविश कुमार और रोहित कुमार के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं साहिल कुमार, नीरज कुमार और एक नाबालिग को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की आगे की जांच में जुटी है।








