बिहार के गया जंक्शन पर बुधवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। धनबाद से फिरोजपुर जा रही 13307 अप गंगा सतलज एक्सप्रेस के एक कोच से अचानक चिंगारी निकलने लगी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चिंगारी देखते ही कई यात्री घबराकर अपनी बोगी से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और तकनीकी टीम की तत्परता से स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन गया जंक्शन के करीब पहुंच रही थी, तभी कोच के इलेक्ट्रिक कप्लर के पास से चिंगारी उठने लगी। ट्रेन स्टाफ ने तुरंत रेलवे कंट्रोल को सूचना दी, जिसके बाद गया जंक्शन को अलर्ट कर सभी संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया। एहतियात के तौर पर अग्निशमन विभाग को भी मौके पर बुलाया गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
रात करीब 1:05 बजे ट्रेन गया जंक्शन पहुंची। यहां आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे की तकनीकी टीम और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से प्रभावित कोच का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि इलेक्ट्रिक कप्लर के पास बिजली के तार का कनेक्शन ढीला होने के कारण चिंगारी निकल रही थी। इसके बाद तकनीकी टीम ने करीब 35 मिनट तक मरम्मत का कार्य किया और खराबी पूरी तरह दूर होने के बाद ही ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई। इसके बाद रात करीब 1:32 बजे गंगा सतलज एक्सप्रेस फिरोजपुर के लिए रवाना हो गई।
जिला अग्निशमन विभाग के सहायक अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे ट्रेन के कोच से चिंगारी निकलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एक बड़ी और एक छोटी दमकल गाड़ी मौके पर भेजी गई। हालांकि आग फैलने की नौबत नहीं आई और उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से स्थिति नियंत्रित कर ली गई। उन्होंने कहा कि पूरी टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची थी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार समय रहते तकनीकी खराबी की पहचान कर उसे ठीक कर लिया गया, जिससे किसी यात्री को नुकसान नहीं हुआ और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। रेलवे ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए तकनीकी जांच और निगरानी को और मजबूत करने की बात कही है।








