झारखंड, बिहार और ओडिशा में लंबे समय से सक्रिय और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। आईबी, सीआरपीएफ और धनबाद पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में यह बड़ी सफलता धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में मिली। इस कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
मंगलवार देर शाम धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने सटीक सूचना के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया। आईबी, सीआरपीएफ और धनबाद पुलिस की टीम पहले से इलाके में तैनात थी। इसी दौरान एक वाहन से गुजर रहे भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को उसके दो सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिसिर बेसरा, मेहनत उर्फ मोच्छु और गौरव के रूप में हुई है। तीनों वाहन संख्या जेएच-10 बीएच-1056 से सफर कर रहे थे। सुरक्षा बलों ने वाहन को घेरकर बिना किसी बड़े प्रतिरोध के तीनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से हथियार और अन्य महत्वपूर्ण सामान बरामद किए गए, जबकि इस्तेमाल किया जा रहा वाहन भी जब्त कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन की तैयारी कई महीनों से की जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा ताकि माओवादी संगठन को इसकी भनक न लगे। सटीक खुफिया जानकारी और संयुक्त रणनीति के कारण यह ऑपरेशन सफल रहा।
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उनके संगठन के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और हाल के दिनों में किन गतिविधियों की योजना बनाई जा रही थी। पूछताछ से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने संयुक्त कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि आईबी, सीआरपीएफ और धनबाद पुलिस के समन्वय से यह बड़ी सफलता मिली है। उनके अनुसार, इस गिरफ्तारी से झारखंड में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को नई मजबूती मिलेगी। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






