टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के निर्देश, अधिक से अधिक स्क्रीनिंग और समय पर इलाज सुनिश्चित करने पर जोर

बिहार सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टीबी मुक्त भारत अभियान की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर में चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए तथा संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच और उपचार किया जाए।

 

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मुख्य सचिव ने कहा कि स्क्रीनिंग के दौरान जिन लोगों में टीबी के लक्षण पाए जाएं, उनका एक्स-रे और नेट (NAAT) टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाए। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर प्रत्येक मरीज का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और नियमित उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए परिवार के सभी सदस्यों की जांच कर आवश्यकतानुसार दवा और बचाव संबंधी सभी उपाय किए जाएं, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।

 

बैठक में बताया गया कि 14 अगस्त तक निर्धारित स्क्रीनिंग लक्ष्य को अधिकांश जिले निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लेंगे। इसके बाद अभियान का मुख्य फोकस मरीजों के समुचित उपचार, उनके परिजनों की जांच, निवारक दवा उपलब्ध कराने तथा निक्षय पोषण योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर रहेगा।

 

मुख्य सचिव ने निक्षय मित्र अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों, उद्योग समूहों और आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को नियमित रूप से प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए आवश्यक है।

 

राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने भागलपुर में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की अलग से समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी टीबी मरीजों के संपर्क में आए परिजनों को एक दिन के भीतर आवश्यक दवा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जिले में NAAT टेस्ट और एक्स-रे जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर समय पर इलाज शुरू किया जा सके।

 

जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ अभियान को सफल बनाए और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करते हुए भागलपुर को टीबी मुक्त जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए।

 

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