भागलपुर तातारपुर थाना क्षेत्र के काजीवलीचक में वर्ष 2022 में हुए भीषण बम विस्फोट मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 की अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिए गए मो. आजाद और नवीन मंडल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 के तहत नौ-नौ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोनों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की भी सजा दी गई है।
यह मामला 3 मार्च 2022 को तातारपुर थाना क्षेत्र के काजीवलीचक में हुए भयावह बम विस्फोट से जुड़ा है। इस हादसे ने पूरे भागलपुर ही नहीं बल्कि बिहार को भी झकझोर दिया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार एक भवन में पटाखा निर्माण के उद्देश्य से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का अवैध रूप से भंडारण किया गया था। इसी दौरान विस्फोट होने से व्यापक स्तर पर जान-माल की क्षति हुई। घटना के बाद पुलिस ने विस्तृत अनुसंधान कर आरोप पत्र दाखिल किया और मामले की सुनवाई अदालत में शुरू हुई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 13 गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने मो. आजाद और नवीन मंडल को दोषी ठहराया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में आशीष कुमार गुप्ता, अशोक मंडल उर्फ गुड्डू और धनंजय मंडल को पहले ही बरी किया जा चुका है।
अदालत के इस फैसले को 2022 के चर्चित काजीवलीचक बम विस्फोट मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस निर्णय से अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उससे जुड़े अपराधों पर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश भी गया है।
संवाददाता: रजनीश कुमार, भागलपुर






