नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बिहार में तीन दिनों से जारी भारी वर्षा ने लखीसराय और मुंगेर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। रेलवे ट्रैक पानी में डूब गए, कई स्कूलों में जलभराव हो गया और दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। रेल और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
लखीसराय के कजरा क्षेत्र में भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों से आए पानी के कारण रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पानी भर गया। इससे करीब तीन घंटे तक रेल परिचालन ठप रहा। वर्ष 2017 के बाद पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिली। नरोत्तमपुर, बिक्रमपुर, सहमालपुर और महसोनी समेत कई गांवों में घरों और बाजारों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान हुआ।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलियों और प्राकृतिक जलनिकासी मार्गों पर अतिक्रमण, नालों की सफाई नहीं होने और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण हालात और गंभीर हो गए। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो इतना नुकसान नहीं होता।
मुंगेर जिले में भी बारिश का असर रेल परिचालन पर पड़ा। कजरा स्टेशन के पास ट्रैक पर पानी भरने से जमालपुर-किऊल रेलखंड पर करीब दो घंटे तक ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा। अंग एक्सप्रेस, दानापुर-साहिबगंज इंटरसिटी, पटना-दुमका एक्सप्रेस और कई पैसेंजर ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं। रेलवे ने ट्रैक से पानी निकालने और सुरक्षा जांच के बाद ही परिचालन बहाल किया।
धरहरा प्रखंड के महगामा उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो फीट तक पानी भर गया, जिससे स्कूल बंद करना पड़ा। कई गांवों को जोड़ने वाली सड़कें भी जलमग्न हो गईं। छात्रों, मरीजों और किसानों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल निकासी, अतिक्रमण हटाने, राहत कार्य तेज करने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि नेपाल में जारी बारिश का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, जिससे बिहार के कई अन्य जिलों में भी बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है।






