सावन माह के पहले सोमवार को जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड स्थित प्रसिद्ध देवलेश्वर धाम में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु बाबा देवलेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। आस्था का ऐसा उत्साह देखने को मिला कि श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए करीब दो घंटे तक लंबी कतार में इंतजार करना पड़ा।
बांग्ला पंचांग के अनुसार 18 जुलाई से शुरू हुए श्रावणी मेले के पहले सोमवार को सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। कांवरियों ने बाबा देवलेश्वर का विधि-विधान से जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, शांति और दीर्घायु की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और कुंवारी कन्याएं भी जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचीं। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और नाला थाना पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, लगातार गश्त और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बिजली, रोशनी, लाउडस्पीकर तथा अस्थायी सहायता केंद्र भी बनाए गए। स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंदिर परिसर में पूजा सामग्री, फूल, बेलपत्र, प्रसाद, जलपान और भोजन की अस्थायी दुकानें भी सजाई गई हैं। मंदिर समिति के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार और पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। समिति ने बताया कि पूरे श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं की समुचित व्यवस्था जारी रहेगी।
श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा देवलेश्वर के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। यही अटूट आस्था हर वर्ष हजारों शिवभक्तों को इस पावन धाम तक खींच लाती है।
संवाददाता : संतोष कुमार








