बिहार में सूखे नशे का अवैध कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद तस्कर नए-नए तरीकों से युवाओं तक मादक पदार्थ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। समाज में नशे के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सहरसा पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत जिले के बैजनाथपुर, बिहरा और सदर थाना क्षेत्र में की गई तीन अलग-अलग कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 150 ग्राम स्मैक, 17.5 किलोग्राम गांजा, 300 एमएल कोडीन युक्त कफ सिरप, 5 हजार रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
बैजनाथपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गम्हरिया वार्ड संख्या-12 स्थित एक किराना दुकान में स्मैक की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पहले 83.81 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ बरामद हुआ। इसके बाद दुकान की गहन तलाशी लेने पर और स्मैक बरामद हुई, जिससे कुल बरामदगी बढ़कर करीब 150 ग्राम हो गई। इसके अलावा 300 एमएल कोडीन युक्त कफ सिरप तथा 5 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए। इस मामले में गम्हरिया निवासी मोहम्मद अजरत सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक की खेप कहां से लाई जाती थी और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
वहीं, बिहरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपने ग्राहक को स्मैक की पुड़िया पहुंचाने जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 29 पुड़िया स्मैक, जिसका कुल वजन 5.79 ग्राम है, बरामद किया गया। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीतीश कुमार के रूप में हुई है।
उधर, सदर थाना पुलिस ने भी गुप्त सूचना के आधार पर शंकर चौक के पास विशेष अभियान चलाया। जांच के दौरान दो संदिग्धों के पास मौजूद तीन बैगों से करीब 17.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से बेगूसराय निवासी परमानंद और रविंद्र को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नेपाल से गांजे की खेप लाकर सहरसा के रास्ते बेगूसराय पहुंचाने जा रहे थे। पुलिस अब इस पूरे अंतरजिला तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
इन तीनों मामलों की जानकारी सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार पांचों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है, ताकि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।






