गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर धनबाद के हीरापुर स्थित ऐतिहासिक श्री श्री श्यामा पूजा कमिटी, काली मंदिर तेलीपाड़ा में शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां विपदतारिणी काली के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने माता के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।
मंदिर परिसर पूरे दिन भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मां काली के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। गुप्त नवरात्र के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर की पुजारिन सुप्रिया पांडेय ने बताया कि गुप्त नवरात्र में मां काली की विपदतारिणी स्वरूप में पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां अपने भक्तों के जीवन से कष्ट, पीड़ा, आपदा और विपदाओं को दूर कर उनकी रक्षा करती हैं। इसी अटूट विश्वास और श्रद्धा के कारण दूर-दराज़ से भी श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मंदिर समिति के सचिव संतोष साव ने बताया कि हीरापुर का यह काली मंदिर लगभग 250 वर्ष पुराना है और इसकी ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान पूरे क्षेत्र में है। धनबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्र के दौरान प्रतिवर्ष विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
श्रद्धालुओं का मानना है कि मां विपदतारिणी की सच्चे मन से आराधना करने पर जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था और विश्वास के साथ पूरे दिन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।
संवाददाता: राजेश कुमार, धनबाद






