जामताड़ा सदर अस्पताल में गुरुवार को हुई घटना के बाद शुरू हुई राजनीतिक सरगर्मी शुक्रवार को और तेज हो गई। स्वास्थ्य मंत्री के दबाव में प्रशासन द्वारा एकतरफा कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जिला मुख्यालय में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर पूर्व मंत्री अमर बाउरी और पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने बुधुडीह स्थित भाजपा जिला कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान भाजपा नेता माधव चंद्र महतो, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि जामताड़ा सदर अस्पताल में हुई घटना को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में दंगाई गतिविधि या व्यापक तोड़फोड़ होने के आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। उनका कहना था कि यदि प्रशासन के पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद है तो उसमें भी किसी प्रकार की हिंसक या आपत्तिजनक गतिविधि स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्री के दबाव में आकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की और भाजपा कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय परिवारों को निशाना बनाया।
पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जिन परिवारों को इस घटना से नुकसान हुआ है, उन्हें शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाए और पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए।
भाजपा नेताओं का कहना था कि घटना के समय अस्पताल में मौजूद ग्रामीण और परिजन अपने आक्रोश का इजहार कर रहे थे, लेकिन किसी ने भी तोड़फोड़ या हिंसा का समर्थन नहीं किया। ऐसे में एकतरफा कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच, दोषियों पर समान कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को राहत देने में विफल रहती है तो भाजपा कानूनी और राजनीतिक स्तर पर आंदोलन तेज करेगी।
संवाददाता : संतोष कुमार, जामताड़ा





