सहरसा: सीमित संसाधनों के बावजूद बुलंद हौसले और लगातार मेहनत से सहरसा के तुलसियाही वार्ड-1 के एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। पिता की छोटी-सी किराना दुकान और सामान्य आर्थिक स्थिति के बीच तीनों भाई-बहनों ने अपनी लगन, अनुशासन और सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
तीनों सफल अभ्यर्थियों में साक्षी कुमारी, रजनीश कुमार और प्रहलाद कुमार शामिल हैं। सबसे छोटे भाई प्रहलाद कुमार ने पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार को बड़ी खुशी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने शायद ही कोई दिन ऐसा छोड़ा हो, जब चार घंटे से कम पढ़ाई की हो। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, कोचिंग संचालक और भाई-बहनों को दिया।
रजनीश कुमार ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि तीन वर्षों की मेहनत आखिरकार रंग लाई और भाई-बहनों के साथ सफलता मिलने से खुशी कई गुना बढ़ गई। वहीं साक्षी कुमारी ने भी तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। उन्होंने बताया कि वह रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं और परीक्षा नजदीक आने पर 13 घंटे तक अध्ययन करती थीं।
तीनों भाई-बहनों के पिता रोहित कुमार तुलसियाही वार्ड-1 में एक छोटी किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि माता पूनम देवी गृहिणी हैं। पूनम देवी ने कहा कि बच्चों ने परिवार की आर्थिक परेशानियों को करीब से देखा और उसी को अपनी मेहनत की ताकत बनाया। उनकी सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित है।
साक्षी ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई बिहार बोर्ड से पूरी की, जबकि रजनीश और प्रहलाद ने 10वीं सीबीएसई बोर्ड तथा 12वीं बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण की। तीनों ने 11वीं-12वीं के दौरान सहरसा के प्रगति क्लासेज में पढ़ाई की और बाद में शहर में रहकर 10 से 12 घंटे की नियमित सेल्फ स्टडी, पुराने प्रश्नपत्रों के अभ्यास तथा सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर फोकस किया।
एक ही परिवार के तीन बच्चों का एक साथ NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल होना जिले के लिए गर्व की बात है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और उनकी सफलता अब सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
संवाददाता: इन्द्रदेव







