जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र स्थित मोहनाबांक गांव में मंगलवार की सुबह वज्रपात की एक दर्दनाक घटना में दो दुधारू गायों की मौत हो गई। इस हादसे में पशुपालक किसान को लगभग 80 हजार रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को प्राकृतिक आपदा राहत मद के तहत शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मोहनाबांक गांव निवासी रांजीव कुमार यादव ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे अपनी दोनों दुधारू गायों को घर के सामने स्थित बांस के झुरमुट के पास बांध रखा था। इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली कड़की और वज्रपात सीधे उस स्थान पर हुआ, जहां दोनों गायें बंधी थीं। बिजली गिरने से दोनों दुधारू गायों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों पशु दम तोड़ चुके थे। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि रांजीव कुमार यादव का परिवार मुख्य रूप से पशुपालन पर निर्भर है और दूध बेचकर ही परिवार की आजीविका चलती थी।
पीड़ित किसान रांजीव कुमार यादव ने बताया कि दोनों गायें परिवार की आय का प्रमुख साधन थीं। एक साथ दोनों दुधारू गायों की मौत से परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है। उन्होंने बताया कि दोनों पशुओं की अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये थी। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर प्राकृतिक आपदा राहत योजना के तहत पीड़ित किसान को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उसे आर्थिक राहत मिल सके।
इधर, मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम, तेज बारिश और वज्रपात के दौरान पशुओं को खुले स्थान, पेड़ों या बांस के झुरमुट के नीचे न बांधें। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखें और स्वयं भी खुले क्षेत्रों से दूर रहें, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
संवाददाता: संतोष कुमार





