पटना: नवादा जिले के रजौली स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय के 34 छात्र रविवार को 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर पटना पहुंचे और आर ब्लॉक चौराहे के पास धरने पर बैठ गए। लंबी यात्रा के कारण कई छात्रों की तबीयत भी बिगड़ गई है। छात्र समाज कल्याण विभाग के मंत्री लखविंदर पासवान से मिलकर अपनी शिकायत रखना चाहते हैं। उनका कहना है कि मंत्री के शहर में नहीं होने की जानकारी मिली है, लेकिन वे बिना अपनी बात रखे वापस नहीं लौटेंगे।
छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से कुछ शिक्षक जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। साथ ही मेस में घटिया भोजन दिया जाता है और शिकायत करने पर छात्रों के साथ मारपीट की जाती है। छात्र शिवम कुमार और अमित कुमार के अनुसार 8 और 9 जुलाई को भोजन की गुणवत्ता और पर्याप्त खाना मांगने पर कई छात्रों को लात-घूंसों से पीटा गया। उनका कहना है कि सब्जी, दाल और रोटी पर्याप्त मात्रा में नहीं दी जाती तथा दोबारा भोजन मांगने पर अपमानित किया जाता है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय के 35 शिक्षकों में से पांच शिक्षक नियमित रूप से जातिसूचक टिप्पणियां करते हैं। उनका कहना है कि पहले भी उन्होंने स्पीड पोस्ट के जरिए जिलाधिकारी, समाज कल्याण विभाग और मंत्री को लिखित शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने की मांग के बावजूद उनके नाम विद्यालय प्रशासन तक पहुंच गए, जिसके बाद संबंधित छात्रों को कमरे में बंद कर कथित रूप से पीटा गया।
छात्रों के अनुसार 12वीं के 16 छात्रों से विद्यालय छोड़ने के लिए भी कहा गया, जिसके विरोध में अन्य छात्र भी पटना पहुंच गए। सभी छात्र निष्पक्ष जांच, 8 और 9 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज की जांच, दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई और विद्यालय में सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक अपना विरोध जारी रहेगा।






