सहरसा सदर अस्पताल में इलाज में देरी को लेकर हंगामा, स्वास्थ्यकर्मियों और परिजनों के बीच मारपीट, जांच में जुटी पुलिस

सहरसा सदर अस्पताल में सोमवार की देर शाम इलाज में कथित देरी और लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा हो गया। मरीज के परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के कारण करीब एक घंटे तक अस्पताल की इमरजेंसी सेवा भी प्रभावित रही।

 

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जानकारी के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-2 गोबरगढ़ा निवासी सीताराम यादव के 11 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार को सोमवार शाम करीब पांच बजे एक तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। हादसे में बच्चे के मुंह में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।

 

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद बच्चे को समय पर उपचार नहीं मिला। उनका कहना है कि शाम करीब साढ़े सात बजे तक इंजेक्शन देने में भी अनावश्यक देरी की गई। इसी दौरान बच्चे के चाचा हरे राम कुमार ने आरोप लगाया कि जिस बाइक सवार ने बच्चे को टक्कर मारी थी, वह भी इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था, लेकिन कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने उसका उपचार कर उसे वहां से जाने दिया।

 

इन्हीं आरोपों को लेकर परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अस्पताल परिसर में हाथापाई होती दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

 

परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही और आरोपी बाइक चालक को बचाने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और माहौल को शांत कराया। सदर थाना के सब-इंस्पेक्टर चंदन कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

संवाददाता : इन्द्रदेव जी, सहरसा

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