पीरपैंती, भागलपुर: पीरपैंती रेफरल अस्पताल में सोमवार को डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती नजर आई। ओपीडी में चार चिकित्सकों की ड्यूटी निर्धारित होने के बावजूद केवल दो डॉक्टरों के मौजूद रहने से मरीजों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। बढ़ती भीड़ और सीमित चिकित्सकीय व्यवस्था के कारण अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अर्चना कुमारी और डॉ. स्वाती कुमारी यादव ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में चार डॉक्टरों की तैनाती की गई थी, लेकिन किसी कारणवश केवल वे दोनों ही अपनी ड्यूटी पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक थी। ऐसे में दो डॉक्टरों के लिए सभी मरीजों की समय पर जांच और इलाज कर पाना बेहद कठिन हो गया। बावजूद इसके दोनों चिकित्सकों ने लगातार मरीजों को देखने का प्रयास किया।
डॉक्टरों की कमी का असर अस्पताल की व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हुई। मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सभी डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहते तो लोगों को इस तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीरपैंती रेफरल अस्पताल आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में डॉक्टरों की अनुपस्थिति का सीधा असर आम लोगों के इलाज पर पड़ता है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्था की जांच कराने, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और पर्याप्त संख्या में डॉक्टर उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।






