धनबाद सदर अस्पताल परिसर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पताल की लगभग 20 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसकी सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में धनबाद के अंचलाधिकारी (सीओ) राम प्रवेश कुमार अपनी टीम के साथ सदर अस्पताल परिसर पहुंचे और जमीन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीओ राम प्रवेश कुमार ने बताया कि अस्पताल की सरकारी जमीन पर कई लोगों ने अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर रखा है। जिला प्रशासन को इस जमीन से अतिक्रमण हटाने का निर्देश प्राप्त हुआ है, जिसके तहत सीमांकन, रिकॉर्ड सत्यापन और अतिक्रमण की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर चिंता जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि पुनर्वास की व्यवस्था होने के बाद ही वे जमीन खाली करेंगे।
इस दौरान स्थानीय निवासी कुमार आलोक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थित लगभग पांच कट्ठा जमीन पर अपना दावा करते हुए संबंधित दस्तावेज सीओ को दिखाए। सीओ ने उन्हें सभी मूल कागजात के साथ कार्यालय आने को कहा, ताकि दावे की जांच की जा सके।
गौरतलब है कि सदर अस्पताल परिसर में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद सदर अस्पताल की क्षमता 150 बेड से बढ़कर 420 बेड हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए खाली जमीन को सुरक्षित करने, पुरानी जर्जर इमारतों को हटाने और अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया प्रशासन ने तेज कर दी है।
संवाददाता: नीतीश कुमार






