भागलपुर/नवगछिया में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार से जा रहे बालू लदे हाइवा का पिछला टायर अचानक ब्लास्ट हो गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे बनी झोपड़ियों पर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि तीन झोपड़ियां पूरी तरह इसकी चपेट में आ गईं।
इस हादसे में दो मासूम बच्चों और एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान गुड्डू डोम की चार वर्षीय पुत्री राधा कुमारी, तीन वर्षीय अंकुश कुमार तथा भिखारी डोम की 50 वर्षीय पत्नी इंदु देवी के रूप में हुई है। हादसे में छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक बच्चे का शव वाहन और बालू के नीचे दबने से बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीन की सहायता से हाइवा और बालू के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया। इसी दौरान जेनप्लस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित 102 एम्बुलेंस सेवा राहत कार्य में देवदूत साबित हुई। एम्बुलेंस कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जबकि मृतकों के शवों को भी सम्मानपूर्वक अस्पताल भेजा गया।
हादसे से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को करीब 45 मिनट तक जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया, जिसके बाद जाम हटाया गया और एनएच-31 पर यातायात सामान्य हो सका।
फिलहाल पुलिस ने हाइवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण टायर ब्लास्ट माना जा रहा है। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।





