झारखंड में चल रही विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने अपनी समीक्षा तेज कर दी है। इसी क्रम में दिल्ली से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं एसआईआर स्टेट ऑब्जर्वर राहुल बल बोकारो पहुंचे। यहां परिसदन में आयोजित जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में उन्होंने मतदाता पुनरीक्षण अभियान की मौजूदा व्यवस्था पर कई सवाल उठाए और चुनाव आयोग से प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए राहुल बल ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक आवश्यक प्रक्रिया है, लेकिन इसे लागू करने का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे आम नागरिकों और चुनाव कर्मियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर रखे हुए है और जमीनी स्तर से मिल रही जानकारियों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
राहुल बल ने सबसे पहले बीएलओ और निर्वाचन कर्मियों पर बढ़ते कार्यभार का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में उनके सहयोग के लिए हेल्प डेस्क और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देशभर में 70 से अधिक बीएलओ और निर्वाचन कर्मियों ने आत्महत्या की है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने चुनाव आयोग से पहले अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की अपील की।
उन्होंने दूसरी प्रमुख आपत्ति पुनरीक्षण की समय-सीमा को लेकर जताई। उनका कहना था कि निर्धारित अवधि काफी कम है, जिससे मतदाता और चुनाव कर्मी दोनों दबाव में हैं। इसलिए इस अभियान की समय-सीमा बढ़ाई जानी चाहिए ताकि सभी पात्र मतदाताओं का नाम बिना किसी कठिनाई के सूची में शामिल हो सके।
दस्तावेजों के मुद्दे पर राहुल बल ने कहा कि आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड तथा 10 वर्ष से पुराने राशन कार्ड को भी वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों से जुड़े नियमों को सरल बनाकर आम लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान किया जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।
संवाददाता: चंदन सिंह






